Bounce Rate kya hai कैसे कम करे? 10 Quality Tips

Bounce Rate kya hai

यदि आप एक ब्लॉग या वेबसाइट चला रहे हैं और अपने ब्लॉग के सर्च परफॉर्मेंस को बढ़ाने के लिए आप पूरी तरीके से SEO और मेहनत कर रहे हैं लेकिन यह हो नहीं रहा है तो इसके पीछे आपकी ही गलतियां हैं और आपके ब्लॉक का बाउंस रेट ज्यादा हो गया है तो Bounce Rate kya hai कैसे कम करे?

हेलो दोस्तों आज मैं आप लोगों को Bounce Rate kya hai कैसे कम करे? इसके बारे में बताने वाला हूं।

यदि आप अपने ब्लॉग में SEO करते हैं तो यहां पर Bounce Rate kya hai को भी जानना आपके लिए बहुत ही जरूरी है कि वह किस तरह की से कार्य करता है और bounce Rate कम करके आप अपने ब्लॉग में बढ़िया ट्रैफिक कैसे ला सकते हैं और अपने ब्लॉग से बढ़िया इनकम कैसे कमा सकते हैं।इसके बारे में भी हम आगे बात करेंगे तो चलिए जानते हैं Bounce Rate kya hai.

Bounce Rate kya hai? Bounce rate Meaning

Bounce Rate का मतलब यह है कि किसी पर्टिकुलर वेबसाइट पर वे विजिटर्स जो आपके ब्लॉग में आते हैं आर्टिकल पढ़ने के लिए उनकी percentage होती है जो कि उस वेबसाइट का कोई भी एक पेज के आर्टिकल को read किये बिना वेबसाइट को छोड़ कर चले जाते हैं।

जितने भी विजिटर्स आपके वेबसाइट में आते हैं और वह उसी पेज के आर्टिकल को read किये बिना वेबसाइट को छोड़ कर चले जाते हैं तब इसका मतलब है कि आपका bounce rate ज्यादा हो जाता है और bounce rate का मतलब भी यही होता है। Bounce Rate kya hai.

इससे यह साबित होता है कि आपके site का जो भी आर्टिकल आपने लिखे हैं वह interesting नहीं है और आप लोगों को ज्यादा value नहीं दे रहे हैं जिसके कारण वे लोग आपके ब्लॉग के आर्टिकल को बिना पढ़े ही वापस हो जा रहे हैं। इसका एक और भी कारण और हो सकता है कि आपके वेबसाइट का डिजाइन कुछ खास नहीं है। आपने जो इमेज लगाए हैं वह अट्रैक्टिव नहीं है तो आपको समझ जाना चाहिए कि विजिटर्स कम हो रहे हैं मतलब आपके वेबसाइट का बाउंस रेट भी बढ़ रहा है जिससे आपके वेबसाइट में ट्रैफिक भी कम होगी और आपका इनकम भी काम होगा।

इसको मैं आपको एक example के तौर पर समझाना चाहता हूं यदि आपके पास कोई ब्लॉग या वेबसाइट है और उसका बाउंस रेट 60% है तो इसका मतलब यह है कि आपके blog में आने वाले विजिटर्स ऐसे हैं जो एक पेज को खोलते हैं और वहां के आर्टिकल को बिना पढ़े ही तुरंत वापस हो जाते हैं इससे यह साबित होता है कि आपके आर्टिकल में पढ़ने लायक कुछ नहीं है और आर्टिकल इंटरेस्टिंग नहीं है जिसके कारण उन्हें वह इंफॉर्मेशन नहीं मिला जिसके लिए वह आपके blog में आए थे तो इसका साफ मतलब है कि आपके blog का बाउंस रेट इससे ज्यादा होता है। Bounce Rate kya hai.

Bounce Rate kya hai

Blog का Bounce Rate कितना होना चाहिए

अभी तक तो आपको पता चल गया होगा कि blog का Bounce Rate kya hai अब हम एक वेबसाइट का Bounce Rate कितना होना चाहिए इसके बारे में जानते हैं –

1% से 10% के अंदर किसी blog का bounce rate है तो वह दुनिया के सबसे अच्छे ब्लॉग या वेबसाइट के लिस्ट में आता है और उस ब्लाक के ट्रैफिक भी बहुत ज्यादा होता है उसके बाद 10% से 40% तक के bounce rate वाली blog में भी ट्रैफिक आता है मतलब इसका भी bounce rate ठीक है, वही 40% से 70% इसमें आमतौर पर ज्यादा वेबसाइट शामिल होते हैं जो कि इतनी अच्छी नहीं है लेकिन काम चलने लायक होता है यानी उसमें विजिटर आते भी हैं और उनको इंफॉर्मेशन मिल जाती है।

और यदि हम सभी वेबसाइट की बात करें तो कुल 75% वेबसाइट की कैटेगरी में आता है और जिस वेबसाइट की bounce rate 70% से ज्यादा होता है वह बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है इसके लिए उन्हें अपने वेबसाइट के ऊपर बहुत काम करना होता है मतलब कि उन्हें अपने आर्टिकल के ऊपर ज्यादा काम करना होता है उन्हें ऐसे क्वालिटी कंटेंट डालने होते हैं जो उनके यूजर और विजिटर्स के लिए हो।

  • Content वाली websites – 40-60%
  • Lead generate करने वाली websites – 30-50%
  • Blogs – 70-98%
  • Retail कारोबार (Business) करने वाली sites – 20-40%
  • कोई services provide करने वाली websites – 10-30%
  • Landing Pages – 70-90%

Bounce Rate ज्यादा कैसे होता है

आप जानते हैं कि bounce rate ज्यादा कैसे होता है और ब्लॉगर किन किन गलतियों के करने से bounce rate ज्यादा हो जाता है

अलग-अलग वेबसाइट के लिए bounce rate अलग-अलग होता है क्योंकि अलग-अलग वेबसाइट में अलग इंफॉर्मेशन होती हैं और यह उनके क्वालिटी आर्टिकल के ऊपर डिपेंड करता है कि उनका bounce rate कैसा होगा। Bounce Rate kya hai.

मैंने आपको पहले ही बता दिया है कि आपके blog अब bounce rate जितना कम होगा उतना ही आपके blog के लिए बढ़िया है और एक ब्लॉगर का भी टारगेट होना चाहिए कि उसके blog का bounce rate कम हो।

  1. Blog का Loading time ज्यादा होना.
  2. सिंगल पेज site का होना.
  3. Internal Link Visitors को पसंद ना आना.
  4. खराब Quality का contents होना.
  5. ट्रैफिक के लिए गलत Keyword पर काम करना.
  6. वेबसाइट का डिजाइन खराब होना.
  7. लिखने का तरीका गलत होना.
  8. आर्टिकल के Heading का सही ना होना.
  9. Visitors को पसंद आने वाले आर्टिकल ना होना.
  10. Visitors को उनके मनचाहा इंफॉर्मेशन ना मिलना.

अब चलिए जानते हैं कि हम Bounce rate को कैसे कम करें सकते हैं।

Bounce Rate को कैसे कम करे?

यदि आप Google में सर्च करते हैं Bounce rate को कैसे कम करें तो आपको ऐसे बहुत सारे वेबसाइट मिल जाएंगे जहां पर आपको अलग अलग तरीके पता चलेंगे।

1. वेबसाइट में Quality Contents लिखें

यदि आपके blog में आपके Niche (टॉपिक) से जुड़े आर्टिकल नहीं होगा तो आपके blog में आने वाले visitors को आपके आर्टिकल पसंद नहीं आएंगे और वह आपके ब्लॉग को छोड़कर चले जाएंगे तो आपको ज्यादा से ज्यादा फोकस अपने आर्टिकल को quality contents बनाने में ध्यान देना चाहिए और जिस कीवर्ड पर आप आर्टिकल लिखते हैं उसके बारे में पूरा keyword research करके आपको एक आर्टिकल लिखना चाहिए जिससे आपके विजिटर्स को अच्छे इंफॉर्मेशन मिले और उनको लाभ हो इसका फायदा यह है कि इससे आपके ब्लॉक में ट्रैफिक भी बढ़ेगा और आपके इनकम में भी बढ़ोतरी होगी।

बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जो अपने ब्लॉग में गलत कीवर्ड के ऊपर आर्टिकल लिखते रहते हैं और इस आर्टिकल में ऐसा कोई भी इंफॉर्मेशन नहीं होता है जो उस कीवर्ड के ऊपर हो जिसके कारण लोग उनके वेबसाइट को छोड़ कर चले जाते हैं जिससे blog का bounce rate high होना शुरू हो जाता है तो आपको अपने ब्लॉग में क्वालिटी कंटेंट वाले आर्टिकल ही लिखने चाहिए और आपका निस भी सही होना चाहिए। Bounce Rate kya hai.

यदि आपने एक क्वालिटी आर्टिकल लिखते हैं और अपने विजिटर्स के लिए सही इंफॉर्मेशन देते हैं तो आप चाहे 500 से 1000 words क्यों न रखें अपने विजिटर्स को सही से समझाने के लिये इतने ही वर्ड में तो आपका Bounce rate कम हो सकता है और इसका रिजल्ट अच्छा आ सकता है। लेकिन यदि आप एक 3000 से ज्यादा वर्ड का भी आर्टिकल लिखते हैं और उसमें उस कीवर्ड से रिलेटेड आर्टिकल का इंफॉर्मेशन सही नहीं होता है तो इसका रिजल्ट गलत होता ह।

आप कोशिश करिए कि आप अपने ब्लॉग में क्वालिटी कंटेंट ही दे आप research कर लीजिए उसके बारे में फिर आप एक आर्टिकल लिखना शुरू करिए इसमें थोड़ा वक्त लगेगा लेकिन blog में विजिटर्स लाने के लिए आपको क्वालिटी कंटेंट लिखने ही होंगे जिससे आपके blog का bounce rate कम होगा। Bounce Rate kya hai.

2. सही visitors को अट्रैक्ट कीजिए

आपका लक्ष्य आपकी वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा विजिटर्स को लाने का नहीं बल्कि आपको सही विजिटर्स को टारगेट करने का होना चाहिए।

मान लीजिए आपने कोई blog कुकिंग से रिलेटेड ब्लॉग बनाया है और आप उसमें Science, game मे interest लेने वाले लोगों को आप अपने विजिटर्स के रूप में टारगेट करेंगे तो वे लोग आपके ब्लॉग में नहीं आएंगे क्योंकि वह लोग इस niche में इंटरेस्ट नहीं लेंगे तो आप ऐसे लोगों को टारगेट कीजिए जो आपके ब्लॉग मैं आए और इंटरेस्टिंग ले।

इसके लिए आप अपने कंटेंट के लिए सही कीवर्ड का चुनाव कीजिए अपनी वेबसाइट पर बहुत सारे unique कंटेंट के साथ मल्टीपल pages को बनाइए। Search इंजन में आने के लिए बढ़िया Meta Discription और title को लिखिए अब ज्यादा ट्रैफिक लाने के लिए advertizing का भी सहारा ले सकते हैं।Bounce Rate kya hai.

3. Page loading Time पर ध्यान दें

यदि आपके साइड का पेज लोडिंग टाइम ज्यादा है इसका मतलब यह है कि आपकी विजिटर्स आपके ब्लॉक तक पहुंचने से पहले ही वापस चले जाते हैं मतलब आपका वेबसाइट slow है और वह 3 से 4 सेकंड में नहीं खुलता है तो आपका पेज लोडिंग टाइम ज्यादा है मतलब आपको अपने पेज लोडिंग टाइम को कम करना होगा और यह SEO के लिए भी बहुत ही जरूरी है। Bounce Rate kya hai.

अगर आपके site का पेज लोड टाइम

  • 1 सेकंड से कम मतलब परफेक्ट है
  • 1 सेकंड से 3 सेकंड का मतलब Average है
  • 3 से 7 सेकंड मतलब above average है
  • 7 से ज्यादा मतलब Not Good

यदि आप अपने विजिटर्स को खुश करना चाहते हैं और ज्यादा ज्यादा ट्रैफिक अपने blog में लाना चाहते हैं तो आपको पेज लोडिंग टाइम पर काम करना होगा इसके लिए आप अपने blog में कम साइज के इमेज का उपयोग करें जिससे आपके ब्लॉक का पेज लोडिंग टाइम कम होगा। Bounce Rate kya hai.

4. Site का Design अच्छा होना चाहिए

अगर आपकी वेबसाइट या blog दिखने में अच्छे हैं तो आपके विजिटर्स को भी अच्छा लगेगा और वह आपके वेबसाइट में कंटेंट पढ़ने के लिए बार बार आएंगे तो आपको अपने ब्लॉग में color combination को ध्यान में रखते हुए डिजाइन करना आना चाहिए और आपको color combination का ज्ञान भी होना बहुत ही जरूरी है बहुत सारे लोगों को ब्लॉग या वेबसाइट का डिजाइन समझ नहीं आता है जिसके कारण वे वेबसाइट को छोड़ कर चले जाते हैं या फिर उन्हें पढ़ने में मजा नहीं आता है इसका कारण यह हो सकता है कि आप अपने ब्लॉग में font color और text size का चयन गलत किए हैं।

वेबसाइट का डिजाइन सिंपल होना चाहिए और आपके विजिटर्स को भी आसानी से समझ आना चाहिए इसका मतलब यह है कि आपके वेबसाइट का यूजर इंटरफेस सरल होना चाहिए किसी को भी आसानी से समझ आ जाए। Bounce Rate kya hai.

5. Navigation बढ़िया होना चाहिये

यदि आपके वेबसाइट का नेविगेशन या मेनू बार सही नहीं है और लोगों को आपके मेनू बार पसंद नहीं आ रहे हैं तो इससे भी हो सकता है कि आपके blog का ट्रैफिक कम हो इसलिए आपको ऐसे मेनू को रखना चाहिए जिससे सामने वाले को जल्दी से समझ आ जाए बहुत सारे लोगों को मेनू समझ में नहीं आता है जिसके कारण वे blog को छोड़ कर चले जाते हैं तो इसलिए आपको अपने ब्लॉग में मेनू में बढ़िया शब्द और कीवर्ड को रखना चाहिए।

6. लिखने के तरीकों पर Focus करें

आप अपने ब्लॉग में कितने भी लंबे आर्टिकल क्यों ना लिख लो यदि आपके ब्लॉक के आर्टिकल के कंटेंट जो आपके लिखने का तरीका है वह सही नहीं है यानी आप लिख तो सही रहे हो लेकिन विजिटर्स को आपके लिखने का तरीका और समझने में मुश्किल होती है तो आपके ब्लॉक में ट्रैफिक नहीं आएगा और वे आपके ब्लॉक को छोड़कर चले जाएंगे।

अगर आप इधर उधर इधर उधर करके लिखो के मतलब आपके पोस्ट का फॉर्मेटिंग थोड़ा ढंग से नहीं होगा तो विजिटर्स को अच्छा कैसे लगेगा। आपको अपने आर्टिकल को पैराग्राफ में लिखना चाहिए और ज्यादा लंबा नहीं लिखना चाहिए छोटे छोटे पैराग्राफ बनाकर लिखना चाहिए आपको अपने आर्टिकल में Bold, Itatic ऐसे फंक्शन का उपयोग करना चाहिए जिससे विजिटर्स को पढ़ने में मजा आए और उनका आर्टिकल पढ़ने में फोकस बना रहे। Bounce Rate kya hai.

7. User friendly Heading लिखें

जब भी अपने ब्लॉग में आर्टिकल लिखते हैं तो आपके विजिटर्स को हेडिंग समझ में आने चाहिए जिससे आपके यूजर को पढ़ कर मजा आ जाए और वह नीचे के आर्टिकल को भी पढ़ने के लिए तैयार हो जाए।

example के लिये आपका कोई कुकिंग का site है और आप उसमें एक heading डालते हैं कैसे जलेबी बनाएं तो यह पढ़ने में थोड़ा अजीब लगता है यदि आप इसी को जलेबी कैसे बनाएं लिखेंगे तो इसका कोई मतलब होता है और यह पढ़ने में भी अच्छा लगता है तो आपको हेडिंग को भी ऐसे ही लिखना है कि आपके विजिटर्स को पढ़ने में मजा आए और समझ भी आ जाए जिससे विजिटर्स को आप पर भरोसा हो जाए, site के ऊपर भरोसा हो जाए। Bounce Rate kya hai.

8. Internal link दूसरे पेज में खुलना चाहिए

आप आर्टिकल में जो internal link डालते हैं तो इसमें जरूर ध्यान दें जो आपकी विजिटर्स पोस्ट के इंटरनल लिंक पर क्लिक करते हैं तब वह नए पेज पर खुलना चाहिए जिससे विजिटर्स जिस आर्टिकल को पढ़ रहा है वह भी open रहे और दूसरा में इंटरनल लिंक वाला पोस्ट खुल जाए जिससे बाउंस रेट कम होता है।

9. Internal Link पर फोकस करें

यदि आप अपने आर्टिकल के बीच में सही इंटरनल लिंक नहीं डालोगे तो bounce rate बढ़ जाएगा मतलब यानी आप किसी कीवर्ड पर आर्टिकल लिख रहे हैं और आपने वहां पर इंटरनल लिंक में किसी दूसरे कीवर्ड से रिलेटेड पोस्ट का इंटरनल लिंक लगा दिया है तो विजिटर्स को अच्छा नहीं लगेगा तो आपको same आर्टिकल से जुड़े पोस्ट का इंटरनल लिंक बनाना चाहिए जिससे आपके विजिटर्स को भी पसंद आए कि वह जिस आर्टिकल को read कर रहे हैं उससे जुड़े और भी आर्टिकल हैं। Bounce Rate kya hai.

10. Mobile Friendly/Responsive Blog

आजकल जितने भी इंटरनेट यूजर्स है desktop के मुकाबले Mobile वाले बहुत ज्यादा है यानी कंप्यूटर से ज्यादा इंटरनेट मोबाइल में चलाया जाता है तो आपको अपने ब्लॉग को responsive या मोबाइल फ्रेंडली बनाना चाहिए इसका मतलब यह है कि आपका ब्लॉग मोबाइल में भी खुल जाए। मेरे हिसाब से 60 से 65% विजिटर्स मोबाइल यूजर्स होते हैं तो आपको मोबाइल फ्रेंडली ब्लॉग बनाना चाहिए इसके लिए आप Responsive Template या Themes का उपयोग कर सकते हैं। Bounce Rate kya hai.

Conclusion

तो दोस्तों मैंने आप लोगों को आज Bounce Rate kya hai कैसे कम करे? इसके बारे में बताया यदि यह पोस्ट आप लोगों के लिए मदद करता है तो इस पोस्ट को शेयर करना ना भूलिए।

मैं आशा करता हूं आप लोगों को यह पोस्ट Bounce Rate kya hai कैसे कम करे? अच्छा लगा होगा यदि आप Bounce Rate kya hai और ब्लॉगिंग से रिलेटेड कुछ भी पूछना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं। आप हमें सोशल मीडिया में भी फॉलो कर सकते हैं। आप यूट्यूब में भी फॉलो कर सकते हैं। Bounce Rate kya hai.

धन्यवाद !

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